गिलोय: एक संपूर्ण औषधि

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गिलोय: एक संपूर्ण औषधि

गिलोय एक बेलदार वनस्पति होती है, जो जंगलों, खेतों की मेड़ो, बगीचों आदि में आसानी से पाई जा सकती है, यह अंगूर के बेल के समान फैलती है. गिलोय विभिन्न रोगों में अत्यधिक लाभदायक होती है. इसकी खूबियों को देखते हुए आयुर्वेद में इसे अमृता के नाम से भी जाना जाता है. इसका सेवन किसी भी उम्र के लोगों के लिए स्वास्थवर्धक होता है,, यह बच्चों के लिये भी समान रूप से हितकर है.

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इसके पत्ते देखने में पान के पत्तो के समान होते है. यह एक परपोशी की तरह होती है. जिस भी पेड़ को यह अपना आधार बनाती है, उस पेड़ के भी कुछ गुण खुद में निहीत कर लेती है. नीम के पेड़ से लगी हुई गिलोय सर्वोत्तम मानी जाती है.

गिलोय के कुछ अद्भुत लाभ इस प्रकार हैं:

  • गिलोय का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.
  • गिलोय का रस आश्चर्यजनक तरीके से शरीर में खून की मात्रा बढ़ाता है, सुबह शाम घी या शहद के साथ गिलोय के रस का सेवन शरीर में खून की कमी को दूर करता है..

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  • सुबह खाली पेट गिलोय के सेवन से गैस से राहत मिलती है.
  • गिलोय का सेवन गठिया और जोड़ो का दर्द में भी लाभदायक होता है.
  • सुबह खाली पेट गिलोय की डंठल चबाने से कैंसर जैसे रोग में लाभ होता है. यह ब्लड कैंसर में अत्यधिक लाभदायक है.
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गिलोय:एक सम्पूर्ण औषधि
  • गिलोय के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें. एक चम्‍मच रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है.
  • गिलोय के पत्तों के रस को गुनगुना करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है.
  • गिलोय के रस को आंवले ले रस के साथ मिलाकर लेने से आँखों सम्बन्धी समस्या से निजात मिलता है, साथ ही आँखों की रोशनी भी बढ़ती है.
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गिलोय आंवला जूस
  • गिलोय के रस को नीम के पत्ते एवं आंवला के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें. प्रतिदिन दो से तीन बार इस काढ़े के सेवन से हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाती है.
  • गिलोय की पत्तियों का रस डेंगू में जीवनदायनी का काम करता है.

अतः गिलोय के सेवन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और इसके अद्भुत परिणाम खुद महसूस करें.

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