सरकार के विपक्ष में बोलना इस महिला पत्रकार को पड़ी बहुत भारी

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सरकार के विपक्ष में बोलना इस महिला पत्रकार को पड़ी बहुत भारी

मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है और पत्रकारों को उसका धरोहर माना जाता हैं. जो देश-दुनिया के सभी ख़बरों से जनता को अवगत करते हैं. लेकिन जब किसी लोकतंत्र में पत्रकार को सरकार की आलोचना करने पर दंडित किया जाये तो समझ लिजियें की उस लोकतंत्र के बुरे दिन शुरू हो गए हैं. ऐसा ही एक मामला मिस्र में घटित हुआ हैं.

source- grandangoloagrigento.it
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महिला टीवी पत्रकार को अपने शो में सरकार की आलोचना करना इस कदर भारी पड़ गया कि उसे मिस्र के प्रशासन ने हिरासत में लेकर फौरन उसके देश वापस भेज दिया. महिला टीवी पत्रकार लियाने दाउद ओएनटीवी पर एक टॉक शो की मेजबानी करती थी. उसके वकील जायद अल इलमी के अनुसार दाउद को उनके घर से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया.

ओएनटीवी चैनल को पिछले महीने सरकार समर्थक कारोबारी अहमद अबू हाशिमा द्वारा खरीदे जाने के बाद से इस टॉक शो में सरकारी नीतियों की आलोचना में नरमी आई थी. लियाने की गिरफ्तारी से कुछ घंटे से पहले नेटवर्क ने उनका अनुबंध खत्म कर दिया.

मिस्र के एक सुरक्षा अधिकारी के अनुसार लियाने की यहां रहने के परमिट की मियाद खत्म हो गई थी और उनको वापस भेजा जाएगा। वह लेबनानी नागरिक हैं. लियाने सुरक्षा अधिकारियों के साथ वहां पहुंची और बेरूत के लिए उड़ान पकड़ी.

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